तभी मैंने उसे सीधा लेटाया और एक पैर उठाया और उसकी तरफ मोड़ दिया। फिर में उसके ऊपर आ गया.. अब मैंने अपनी पोज़िशन सेट की और लंड को उसकी चूत से सटाया उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी। तभी मैंने जैसे ही थोड़ा सा दबाव डाला लंड फिसल गया और एकदम से चूत के नीचे चला गया। मैंने फिर से पोज़िशन सेट की.. उसकी चूत सही में बहुत टाईट थी.. लेकिन इस बार थोड़ा ज़्यादा प्रेशर से लंड को चूत में डाला तो मेरे लंड का थोड़ा सा मुहं अंदर चला गया और वो छटपटाने लगी और कहने लगी कि.. प्लीज़ मान जाओ ना.. आज ये सब नहीं करते है.. प्लीज। फिर में थोड़ी देर ऐसे ही पड़ा रहा और उसे अपनी इधर उधर की बातों में लगाने लगा। फिर जब उसका दर्द कम हुआ तो एक और झटका मारा। मेरा लंड आधा ही गया था कि वो अधमरी सी हो गई और बहुत ज़ोर से रोने और चिल्लाने लगी और में भी थोड़ा सा डर गया और लंड को बाहर निकाला। उसके बाद उसे थोड़ी देर लेटने दिया।
फिर में सिगरेट पीने के लिए रूम से बाहर चला गया। थोड़ी देर में वो बहुत ठीक हो चुकी थी फिर में उसके पास आकर लेट गया.. वो अभी भी नंगी ही लेटी हुई थी। फिर मैंने जैसे ही उसके बूब्स दबाए मुझे फिर से जोश आ गया तो मैंने उसे दोबारा ट्राई करने के लिये लेटा ही लिया। इस बार मैंने उसके बेग से एक क्रीम निकाली और अपने एक हाथ से उसकी चूत और अपने लंड पर लगाकर लंड को चिकना कर लिया और फिर एक ज़ोर का धक्का लगाया और फिर लंड आधा ही गया था कि उसकी हालत फिर वैसी ही हो गई.. लेकिन इस बार में रुकने वाला नहीं था फिर मैंने और ज़ोर लगाकर लगभग पूरा लंड चूत के अंदर डाल ही दिया। लेकिन उसकी जैसे जान ही निकल गई। फिर में ऐसे ही उसके ऊपर लेटा रहा और उसे किस करने लगा उसके बूब्स पर, उसके होंठो पर, वो पांच मिनट में कुछ ठीक हो गई.. फिर मैंने धीरे धीरे अपना काम शुरू किया। थोड़ी ही देर में वो अकड़ कर झड़ गई और ढीली पड़ गई.. लेकिन मेरा तो मौसम अभी अभी बनना शुरू हुआ था। फिर मैंने उसे तेज तेज धक्के देने शुरू किए तो वो फिर दर्द से चिल्लाने लगी। थोड़ी देर में वो फिर से गरम हो गई और मेरा साथ देने लगी। फिर में उसके जोश को देखकर और जोश में आ गया और जोर जोर से चोदने लगा।
फिर करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद वो फिर से झड़ गई। में अभी भी झड़ने नहीं वाला था तो फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसके कुल्हे पकड़ कर चोदने लगा। 15 मिनट की चुदाई के बाद वो फिर झड़ गई और अब मेरा भी होने वाला था लेकिन वो ढेर हो गई और बोली कि मुझसे अब और नहीं होगा। फिर मैंने अपना लंड चूत से बाहर निकाला और उसने मेरा पकड़ कर अपने मुहं में ले लिया और अपने मुहं में ही मुझे ठंडा किया और उसने सारा वीर्य चाटकर साफ कर दिया। फिर उसके चहरे से साफ नजर आ रहा था कि वो अब पूरी तरह संतुष्ट है और उसकी चूत में दर्द भी शायद कम हो गया था। उस चुदाई के बाद मैंने उसे वहाँ पर दो बार और चोदा और फिर हम थक कर सो गये ।।
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